TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 31
विक्रांत हॉल में बैठे हुए सबकी ही ओर देख रहा होता है । पूरे हॉल में एक तरह की शांति थी और सब लोग देख रहे होते है उसकी तरफ की तभी राधिका जी मुस्कुराए हुए अपनी जगह से उठ जाती हैं और कहती है।
" विक्रांत बाबू .......आप कुछ खायेंगे "?
" बात करनी है ( अपनी जगह से खड़े हुए ) इशानी से " विक्रांत अब इशानी की तरफ देखकर कहता है ।।
जिसपर से वही वो तो अब उसके मुंह से अपना नाम सुनकर अपनी मुट्ठी कचोटने लगती है और मना ही करने जाती है । तभी उसी वक्त श्रृष्टि के मामा ...." जी - जी " ठीक है कहते हुए खड़े हो जाते हैं और फिर इशानी की तरफ मुस्कुराकर देखते हुए कहते है ।
" जाओ बिटिया , अपने कमरे में ले जाओ अपने होने वाले पति को "।
Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.