TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 18
पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि अचानक से ही इशानी जोर से ही चीख पड़ती है । अब आगे ,
अब विक्रांत की आँखें हैरानी के मारे फैली हुई थी और वो देख रहा होता है इशानी के कपड़े को जो पूरा ही नीचे से खून से लथपथ हो चुका था । उसे ये अजीब लगने लगता है , उसपर से इशानी का चीखना अब तक उसके कान में गूंज रहा होता है तो बस वो फिर होश में आते हुए इशानी की ओर देखने लगता है और फिर उसे हिलाते हुए कहता है।
" उठो यहां से ....( हिलाते हुए ) हटो मेरे ऊपर से "।
तो वही इशानी का अब कोई रिस्पॉन्स नहीं होता है ,बल्कि वो अपनी जगह पर हिलती तक नही है । तब फिर इसकी वजह से वही अब विक्रांत का दिमाग तो अब और भी ज्यादा सा ही खराब होने लगता है और इसीलिए वो इशानी को झटक के ही कर देता है खुद से ही दूर क्योंकि उसे किसी लड़की का खुद से करीब आना तक नहीं पसंद। पर जब इशानी का अपनी सीट पर आने के बाद भी हाल निढाल ही रहता है । तो फिर वो अब .....तुरंत ही इशानी की तरफ झुक जाता है और लगता है उसको पूरा ही ऊपर से नीचे की तरफ निहारने और फिर पल भर में ही बिना कुछ बोले वो अपनी जैकेट निकाल वो इशानी के ऊपर डाल देता है और कार को स्टार्ट किए हुए ही वो बढ़ा लेता है उसे हॉस्पिटल की तरफ। क्योंकि जो खून उसकी ड्रेस को गिला कर रहा था.... उसमें एक अलग सी गंध आ रही थी , कुछ ऐसी जिसे आजतक उसने नही फील किया था और जिस गंध का वो पहले सोच रहा था वो होगा ....वो कही से भी उसके जैसे नहीं लग रहा था ।
तो बस अब वो कार को और तेजी से ही हॉस्पिटल की ओर कर लेता है और बीच - बीच में उसकी नजर जाकर अटकती रहती है इशानी पर।
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