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Chapter 6

TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 6

अगली सुबह,

( कॉलेज जाने की तैयारी)

 

अंदर कमरे में इशानी सुबह - सुबह जल्दी तैयार हो रही होती है और साथ में ही अपने बालों को भी सुलझाए हुए बना रही होती है उनकी चोटी। लेकिन जब वो नहीं बनते है क्योंकि बाल आज कुछ ज्यादा ही सिल्की हुए पड़े थे। तब फिर वही इशानी अब उन्हें ऐसे ही खुला आजाद छोड़ देती हैं और फिर अब लगती है सामने मिरर में निहारते हुए अपना दुप्पटा भी ठीक करने। लेकिन बालों की तरह ही वो भी नहीं टिक रहे होते है । तब फिर वो दुप्पटा अब बेड पर फेंक देती हैं और पंखे से चल रही ठंडी हवा को अपने चेहरे पर महसूस कर वो जाकर ही बैठ जाती है बेड पर और अगले ही पल लेट जाती है वहीं पर धम से ही और आंखे बंद किए हुए वो कचोटने लगती है अपनी ड्रेस क्योंकि। उसका मन अभी बहुत विचलित है और वो गहरी सोच में डूबे हुए बस सोच रही है कि जो वो सोच रही है वो ठीक है या नही। क्योंक जो हफ्ते पहले रात को उसके साथ हुआ था वो उस घटना को लेकर उलझन में है । वो आज रात उसी बात की वजह से सो नही पाई है बल्कि सच तो ये है कि उसे उस रात का कुछ भी याद नही। परंतु सुबह जो दृश्य था सब एंड उस अंजान शख्स....वो उसे अच्छे से याद है और इसीलिए बार  - बार सब कुछ भूलना चाह रही है क्योंकि उसे इतना जरूर याद है कि उसने कुछ गड़बड़ किया है और उसे लग रहा है कि उसने अपनी हद पार कर दी है ( जो असल में सच है ) पर वो अपने दिल को ये बात नही मनवा पा रही है और बस पूरी रात बेचैनी में रही है। लेकिन स्टूडेंट है तो यूनिवर्सिटी तो जाना ही पड़ेगा तो बस .... इसीलिए अब वो अपना दुप्पटा बैग उठाती हैं और निकल जाती है अपने रूम से बाहर।

( आगे बढ़ने से पहले इशानी का एक छोटा सा इंट्रो))

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