TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 10
पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि विक्रांत की मां उससे उसकी शादी की बात कहती है ।जिसकी वजह से फिर वही विक्रांत बिना कुछ ज्यादा निकल जाता है वहां से ।
अब आगे,
अब विक्रांत अपने कमरे में भारी कदमों से दाखिल हुआ । कमरे का माहौल ठंडा और गंभीर था, ठीक उसके व्यक्तित्व की तरह और फिलहाल वो भी ठंडा हो गया है और बार की तरह फिर से डिस्टर्ब हो गया है उस शादी के टॉपिक से । वो हमेशा ही इस टॉपिक से बचने की कोशिश करता है पर ..... , न चाहते हुए भी मां हमेशा ही इस बात को ला देती है और वो झुंझला जाता है , और हर रोज की तरह वो आकर खड़ा हो जाता है अपने कमरे में।
जैसे अभी वो खड़ा है और कमरे की एक बड़ी सी बालकनी से बाहर झांकते हुए सामने जंगल की तरफ निहार रहा है और सोच रहा है है कुछ। खैर सच तो ये है कि वो यहां नहीं रहना चाहता है। असल में उनका महल ( घर ) जो काफी बड़ा है वो ये नहीं है बल्कि जो महल है वो " चन्द्रगिरि " के पहाड़ी इलाके में है । वो पहले वही रहता था अपने पूरे परिवार के साथ पर समय के साथ उसने अपना निवास स्थान बदल दिया , जब उसकी बहन पैदा हुई और कुछ ऐसा हुआ जो नहीं होना चाहिए था । वो अब कई सालों से यहां इधर रह रहे है पर मन अब भी विक्रांत का उनके चंद्रगिरी के उस महल में ही लगा हुआ है।
फिलहाल जहां है वो जंगल और महल दूर तक चारों ओर विस्तार में फैला हुआ है और चारों तरफ से उसको बॉडीगार्ड ने घेर रखा है । इस महल में दूर - दूर तक रौशनी के पूरे इंतजाम है पर जो कमरा विक्रांत के तरफ पर है , उस साइड उसने अंधेरा करवा रखा है। क्योंकि उसे नहीं पसंद है ये सब और फिर इसीलिए किया है कि अगर इधर रौशनी हो तो इसकी वजह से कोई उसपर हमला करना चाहे तो उसके लिए ये एक आसान राह होगा । वैसे भी उसके कम दुश्मन नही है , फिर कब कौन कहा से और किसके जरिए से आ जाए नहीं पता ।
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