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Chapter 7

TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 7

सड़क पर अंधेरा धीरे-धीरे घिरने लगा था और वह रोड पूरा ही हो गया था सुनसान । वहां दूर - दूर तक कोई भी गाड़ी नहीं नजर आ रही थी और ना ही कोई जानवर । जिससे फिर वही इधर वो शख्स जो अब भी यही था वो अब  सड़क पर  किनारे में लगे स्ट्रीट लाइट्स की मद्धम रोशनी में ...अब अपने सामने पड़ी हुई इशानी को देखने लगता है और उलझन भरे हाल में ही फेरने लगता है अपने बालों में ही उंगली और गुस्से में ही Damn it "कह , एक पैर कार पर मार वो कूदकर ही बैठ जाता" उसपर और अब एक बार फिर से ही वो निहारने लगता है इशानी को जो अब थोड़े साइड में ही थी और उसका सर लुढ़का हुआ था दूर और माथे से बह रहा होता है खून । जिसकी वजह से वही वो शख्स जिसके कारण ...इशानी की ये हालत हुई , वो अब फिर से ही उसे ऐसे देख ....अपना फोन पॉकेट में से निकाल लेता है और करने लगता है वो किसी को कॉल और साथ ही हल्के ही हल्के कदमों से ही आ जाता है वो एक बार फिर से ही इशानी के पास और देखने लगता है उसको । वैसे रोड पर रौशनी कम थी तो उसे उसका चेहरा साफ नही नजर आ रहा था पर वो बेहाल हाल में थी । जिससे वही फिर वो इंसान उसे निहारते हुए ही थोड़ा झुक कर उसे देखने लगता है और और पकड़ लेता है वो उसका हाथ और फिर अगले ही पल सुकून से कहता है।

 

" ... ये लड़की अब तक जिंदा है ...well it's good ".

और ये कह फिर वो उसके गालों पर अब हल्के ही हल्के से थपथपाने लगता है और कहता हैं।

"सुनो, उठो! क्या तुम मुझे सुन सकती हो?"

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