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Chapter 26

TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 26

इशानी सृष्टि को चाटा मारने के बाद से वहां से भाग गई थी बाहर । वो उस तो घर में बिल्कुल भी नहीं रुक सकती थी जब उसने ये कांड किया । वो अच्छे से जानती है कि अब उसका जीना हराम हो जाएगा पूरा क्योंकि सृष्टि अपना मुंह तो बंद करने से रही तो बस उसके लिए बेहतर यही था कि वो वहां न रहे।

घर से निकलने के बाद से इशानी भागते हुए ही एक पूल के पास पहुंच गई थी । उसके हाथ में उसका रिपोर्ट भी था अब जिसे वो एक ही बार में सब फाड़ के नदी में फेंक देती है और बैठ गई थी वहां बिना किसी सहारे के । नीचे पानी का धार बहुत तेज था और उसे बिल्कुल भी डर नहीं लग रहा था नीचे निहारते हुए क्योंकि वो तय करके आई थी  वो नही जिंदा रहना चाहती है अब । लेकिन वो आगे कूद पाती , उससे पहले ही वहां वीर पहुंच गया था जो उधर से ही गुजर रहा था । और उसने जैसे ही ईशानी को देखा,उसे बिल्कुल भी समय नहीं लगा समझने में की वो क्या सोच रही है क्योंकि 🙂 इशानी पहले भी ऐसा ट्राई कर चुकी है ।

जैसा कि मैने पहले ही  बताया कि इशानी को वीर पहले से ही जानता है तो बस जब इशानी के पापा की डेथ हुई तो उस टाइम इशानी को मानसिक तौर से हेल्प चाहिए क्योंकि वो अपने पापा से सबसे करीब थी ।लेकिन यहां सब उल्टा हो गया था और सबने इशानी पर ब्लेम डाला तब वो उस टाइम भी भाग गई थी पूल के पास और दिमाग ठीक न होने के कारण वो मरने का फैसला कर चुकी थीं।पर उस टाइम वीर ने उसे संभाल लिया था और तब से वो और भी ज्यादा क्लोज हो गए ।

वीर बड़ा है तो उसने इशानी को संभाला और इसी वजह से वो उसे भाई मानती है और वो उसकी अपनी बहन पूरे दिल से ।

फिलहाल वीर के ऐसे पूछने पर ईशानी अब  उसकी ओर देखने लगती है और  फिर कुछ पल बाद  कहती है ।

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