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Chapter 29

TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 29

अब इशानी क्लास में चुपचाप बैठी थी, लेकिन उसका मन किसी किताब में नहीं, उसकी धड़कनों में उलझा था। सामने से आती वो नज़रें उसे जला रही थीं  ठंडी, कठोर, लेकिन हर पल उसी पर जमी हुईं।  क्योंकि वो कोई और नहीं बल्कि विक्रांत की नजर है ,जो कुछ दिन पहले उसकी दुनिया से चला आया है और जबसे आया है जो तूफ़ान सब सिर्फ धीरे - धीरे चल रहा था  वो अब एक भीषण रूप ले चुका है । अभी वो आज उसी की क्लास में बैठा था, एक अजनबी बनकर... एक अधिकारी बनकर क्योंकि जब इशानी आ गई थी तभी  प्रोफेसर ने खुद सबके सामने कहा था कि वो यूनिवर्सिटी इंस्पेक्शन के लिए आया है और अब कुछ दिनों तक यहीं की क्लासेस अटेंड करेगा, ताकि सिस्टम की रिपोर्ट तैयार कर सके। मगर कोई नहीं जानता था कि ये 'सिस्टम' असल में एक इंसान की ज़िन्दगी को जांचने आया है।

फिलहाल अभी उसका चेहरा गुस्से से भरा था। उसकी आंखों में नफरत नहीं, और गुस्सा भरा था । कुछ ऐसा, जो सिर्फ़ इशानी पढ़ पा रही थी। हर बार जब उसकी आंखें विक्रांत से टकरातीं, वो एक अजीब सी बेचैनी महसूस करती और इसी वजह से मूंद लेती है अपनी आंखे।  तो वही क्लास के बाकी छात्र भी सिहर रहे थे  , क्योंकि विक्रांत का रुख किसी प्रोफेशनल अफसर जैसा नहीं, एक सनकी राजा जैसा था जो सबको सजा देने आया हो। इसीलिए जब कुछ समय बाद क्लास खत्म होती है तब फिर विक्रांत खड़ा होकर डेस्क के पास आ जाता है और कहता है।

“इस सेक्शन की निगरानी अब मेरी होगी। हर स्टूडेंट की एक्टिविटी रिपोर्ट होगी। और जो भी गैर-ज़िम्मेदार हरकत करेगा… वो सीधे बाहर जाएगा।मुझे कोई दिलचस्पी नहीं किसकी क्या कहानी है… अब सिर्फ़ नियम होंगे।”और साथ में कुछ समय पहले जो सोशल मीडिया, व्हाट्सअप ग्रुप पर बकवास फैली थी उसकी वज़ह से आप सबको 1000 टाइम्स सॉरी लिखना होगा मुझे क्योंकि आप सबने एक गलत अफ़वाह में सहयोग किया और जिन लोगों ने वो कॉमेंट्स किए थे । उन सको एक महीने की डिटेंशन।

अब उसके शब्द बर्फ से ज़्यादा ठंडे थे, पर असर आग जैसा।

और फिर फिर वो ये कहकर वहां से मुड़ जाता है और क्लास से निकल वो गायब हो जाता है वहां से । जिसपर से फिर वही उधर तो एक पल को सन्नाटा छा जाता है । सब के सब  एक-दूसरे की तरफ़ देखने लगते है और , फिर नज़रों से इशानी की ओर इशारा किया, मानो जानते हों कि ये एलान उसके लिए था शुरू वाला । वो ऐसे सोचते हुए निकल जाते है बाहर और इधर अब इशानी का चेहरा सख़्त हो जाता है। उसकी आंखो में गुस्सा जमा होने लगता है और इसीलिए जैसे ही क्लास खाली हुई, वो एक झटके में उठी और दौड़ते हुए बढ़ जाती की बाहर की ओर  । उसकी साँसें तेज़ थीं, कदमों में गुस्सा और दिल में हिम्मत।

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