Chapter 360
दोस्त की सूरत में दुश्मन निकली
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यहा काशी के सामने श्रुति खड़ी थी और वो काशी को ये बता रही थी कि कैसे वो विश्व से प्यार करती है और इस हद तक प्यार करती है कि उसके लिए वो किसी की भी जान ले सकती है। उसकी ये बात सुनकर