Chapter 357
आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली खेलेंगे हम होली
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उन सब को होली खेलते देखकर काशी अपने कदम पीछे लेने लगी, क्योंकि हर तरफ रंग और गुलाल उड़ रहे थे। लेकिन जैसे ही वो पीछे हटती है, एकदम से विश्व की छाती से टकरा जाती है। विश्व ही ठीक उस