Chapter 199
तुम्हारा सजना-संवरना मेरे लिए ही तो है।"
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वैसे तो काशी का इरादा कोई भी साड़ी लेने का नहीं था, लेकिन फिर भी मौसी के कहने पर उसने अपने लिए दो साड़ियां ली थीं और वो उन दोनों साड़ियों को लेकर अपने कमरे में बेड पर बैठी हुई थी।