Chapter 213
चंचल के मां बाबा शहर आए हैं
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जब चंचल जागी, तो उसने सोफे पर बैठे अखण्ड को देखा, जो बिना किसी भाव के उसे घूर रहा था। चंचल ने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। जैसे ही वह उठकर बैठी, अखण्ड टेबल पर रखे समोसे-कचौड़ी के