Banaras
विशालाक्षी मंदिर, बनारस
पूरब से जब सूरज निकला, सिंदूरी घन छाए। पवन के पग में नूपुर बाजे, मयूर मन मेरा गाए। मन मेरा गाए, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥
(मंदिर के माइक पर एक खूबसूरत सी आवाज पूरे प्रांगण को महका रही थी। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की सबकी नज़रें मंच पर बैठी उस लड़की पर थीं। जिसने लाल बनारसी साड़ी पहनी हुई थी और उसके बाल हवा में लहरा रहे थे। आँखों में तिरछा करके काजल लगाया हुआ था और होठों पर हल्की सी मुस्कान थी।)
पुष्प की माला थाल सजाऊँ, गंगाजल भर कलश मैं लाऊँ। नव ज्योति के दीप जलाऊँ, चरणों में नित शीश झुकाऊँ। भाव विभोर होके भक्ति में, रोम-रोम रम जाये, मन मेरा गाए, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥
(उस प्यारे से भजन को सुनते हुए वहाँ पर आए सभी श्रद्धालु महादेव और माता पार्वती के दर्शन के बाद, अगर किसी को देख रहे थे, तो वह थी मंच पर बैठी उस लड़की को।)
अभयंकर शंकर अविनाशी, मैं तेरे दर्शन की अभिलाषी। जन्मों की पूजा की प्यासी, मुझ पर करना कृपा जरा सी। तेरे सिवा मेरे प्राणों को, और कोई ना भाए, मन मेरा गाए, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥
पंडित जी भी आरती करते हुए उस लड़की को देखकर कहते हैं, "जब तक बिटिया की आवाज़ नहीं आती है, लगता ही नहीं कि संध्या आरती हुई है। पर यह आवाज़ रोज सुनने को नहीं मिलती है। अगर यह रोज सुनने को मिले, तो कितना अच्छा होना।"
पूरब से जब सूरज निकला, सिंदूरी घन छाए। पवन के पग में नूपुर बाजे, मयूर मन मेरा गाए। मन मेरा गाए, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥
संध्या आरती खत्म हो चुकी थी। महादेव के विश्राम के लिए द्वार लगा दिए गए थे। सारे श्रद्धालु एक-एक करके मंदिर से निकल चुके थे। लेकिन पंडित जी महादेव का द्वार लगाने के बाद सीधे वहाँ आते हैं, जहाँ पर लोग बैठकर शाम की भजन गा रहे थे।
पर जब वे देखते हैं, तो वहाँ से सारे लोग जा चुके थे। पंडित जी जल्दी से बाहर निकल कर आते हैं, लेकिन वहाँ पर कोई नहीं दिखता है।
तभी वे देखते हैं कि सीढ़ियों से उतरते हुए वह लड़की नीचे गाड़ी के पास आती है और उसमें बैठकर चली जाती है।
उसे ऐसा जाता हुआ देखकर पंडित जी मंदिर की तरफ मुँह करते हैं और अपने हाथ जोड़ते हुए कहते हैं, "इस बच्ची की ज़िन्दगी में और कितने कष्ट लिखे हैं महादेव। आप ही का रूप है, किसी रूप में आप ही आ जाइए, इसी की मदद करने के लिए।"
मुंबई..
रघुवंशी मेंशन…
विश्व की जीप जैसे ही मेंशन के सामने आकर रुकी, वह जल्दी से जीप से बाहर निकला और दौड़ते हुए मेंशन के अंदर गया।
दरवाज़े पर ही उसे एक औरत, जिसने काले रंग का सूट पहना हुआ था और अपने दुपट्टे को सिर पर रखा था, दिखी।
विश्व को देखकर वह कहती है, "अरे विश्व तुम आ गए। देखो गुड़िया ने क्या किया है।"
विश्व जब सामने देखा, तो दो नौकर थे, जिनके सिर फूटे हुए थे और उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।
विश्व अपनी आँखें बंद कर लेता है और औरत से कहता है, "काकी मैं कुछ घंटे के लिए घर से बाहर क्या चल गया, आप लोगों से गुड़िया को संभाल नहीं गया क्या?"
काकी कहती है, "संभालने को तो हम खूब संभाल लेते, लेकिन तुम्हारी लाडली बहन किसी के संभालने से समझे तब ना। पता नहीं अंग्रेजी में किसी चीज़ का नाम ले रही है, मुझे तो समझ में भी नहीं आ रहा है। लेकिन बस एक ही चीज़ की रट लगाए हुए है कि उसे 'v' चाहिए। कहाँ से लेकर आए। समीर को भेजा है उससे बात करने के लिए, पर वह भी दरवाज़े से अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।"
विश्व एक गहरी साँस छोड़ता है और फिर वहाँ से सीधे सीढ़ियों के पास एक कमरे की तरफ़ चला जाता है। उस कमरे के दरवाज़े पर बहुत सारे बार्बी डॉल और BTS मेंबर के फोटोज़ लगे हुए थे।
उसके ठीक सामने एक लड़का, जिसने डेनिम की जींस और सिंपल शर्ट पहनी हुई थी, वह खड़ा था।
उसने जब विश्व को देखा, तो जल्दी से उसको देखकर कहता है, "अरे अच्छा हुआ तू आ गया। गुड़िया दरवाज़ा नहीं खोल रही है।"
विश्व ने कंधे से समीर को पकड़कर पीछे किया और सख्ती से कहा, "तुम लोगों के बस की कुछ भी नहीं है।"
वह ड्रॉअर में से एक डुप्लीकेट चाबी निकालता है और दरवाज़े में लगा देता है। उसने दरवाज़ा खोला और धीरे से अंदर कदम बढ़ाए, पर जैसे ही वह अंदर पहला कदम रखता है,
एक उड़ती हुई गेंद उसकी तरफ़ आती है। विश्व फुर्ती दिखाते हुए जल्दी से उस गेंद को पकड़ लेता है और सामने देखता है, तो उसे जो नज़र आता है, उसे देखकर विश्व, जो दुनिया के सामने एक डेविल है, उसकी काया पूरी तरह से पलट जाती है।
उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी और आँखों में एक चमक। वह मुस्कुराते हुए उस गेंद को हवा में उछालता है और कमरे में कदम बढ़ाता है।
दीवार के साथ लगकर एक 24 साल की लड़की खड़ी थी। जिसने दो चोटी बना रखी थी और उसके ऊपर बार्बी के क्लिप भी लगे हुए थे। उसने जो कपड़े पहने हुए थे, वे भी पिंक कलर की फ्रॉक थे, लेकिन उसका चेहरा गुस्से में भड़क रहा था।
विश्व को देखकर वह और गुस्से में आ जाती है और अपने आस-पास देखने लगती है। उसे दूसरी तरफ़ एक यूनिकॉर्न टेडी बियर नज़र आता है। उसने उस टेडी बियर को उठाया और सीधे विश्व की तरफ़ फेंक दिया।
विश्व उसे कैच कर के बेड पर फेंक देता है और हँसते हुए कहता है, "क्या बात है, आज मेरी छोटी सी गुड़िया ज्वालामुखी क्यों बनी हुई है? क्या चाहिए आपको?"
"मुझे 'v' चाहिए।" उस लड़की ने अजीब तरीके से साउंड निकालते हुए कहा।
वह दिखने में तो 24 साल की थी, लेकिन उसके बात करने का अंदाज़ एक छोटी सी बच्ची की तरह था। वह निचला होठ बाहर निकाल कर बात कर रही थी और उसकी आँखें बार-बार टिमटिमा रही थीं।
उसके बच्चों जैसी आवाज़ सुनकर विश्व हँसते हुए कहता है, "क्या तुम्हें 'v' चाहिए? यह कैसी ज़िद है, तुम जानती हो ना, 'v' यहाँ नहीं है, साउथ कोरिया में है।"
"हाँ तो आप साउथ कोरिया को यहाँ लेकर आइए, लेकिन मुझे मेरा 'v' लाकर दीजिए।" गुड़िया ज़िद्दी बच्चे की तरह कहती है।
अपने भाई से BTS मेंबर 'v' की डिमांड कर रही थी। और उसकी इस फ़रमाइश को सुनते हुए, विश्व को समझ ही नहीं आ रहा था कि वह अपनी बहन को कैसे समझाए?
सामने मौजूद यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि विश्व की बहन जीविका है। जिसे सारा परिवार प्यार से गुड़िया कहकर बुलाता है, क्योंकि वह सच में ही एक गुड़िया है।