Chapter 174
जिसकी हिस्ट्री नहीं होती. वह अपने आप में मिस्ट्री होता है
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किचन के दरवाजे की ओट में खड़े होकर काशी बाहर देख रही थी। परिवार वाले सब हाल में बैठे हुए थे। अपर्णा सबके लिए चाय-नाश्ता किचन से ही लेकर जा रही थी। हालांकि सब कुछ बनाया तो काशी ने ह