Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 63

The CEO'S Contract Wife - Chapter 63

विकर्म अपने दोस्तों के साथ एक कैफ़े में बैठा होता है ,, इस समय वो बहुत ही हैंडसम लग रहा होता है ,, वहां मौजूद जितनी भी लड़कियां होती है सबकी नजर उस पर ही होती है ,, तभी एक लड़की जो दिखने में काफी ब्यूटीफुल होती है ,, वो अपनी जगह से उत विक्रम के पास जाती है और उसके करीब होंने की कोशिश करती है ,, तभी वहां पर अवनी आ जाती है और वो उस लड़की को विक्रम से दूर कर उसे ऊँगली दिखाते हुए बोलती है ,, 

अवनी :- stay away from him because he is mine ,, ( और फिर विक्रम का कलर पकड़ उसे खुद के करीब क्र उसकी आँखों में देखते हुए बोलती है ) और तुम कह दो इन सारी तितलियों से जो तुम्हे घूर घूर कर देख रही है ,, के तुम सिर्फ मेरे हो तुम्हे देखने का तुम्हे चूने का हक सिर्फ मुझे है ,, अगर इन सबने अभी के अभी तुम पर से अपनी नजरें नहीं हटाई तो मैं इन सबकी आँखें निकाल दूंगी ,,

उसकी बात सुनकर और उसका ऐसा पोस्सेसिवे नेचर देख विक्रम उसे कमर से पकड़ अपने करीब कर लेता है ,, हालाकि के उसे यह करते हुए बहुत डर लग रहा था क्यूंकि उसे अपने भाई की खतरनाक नज़रें खुद पर महसूस हो रही थी ,, बेचारे को ऐसा लग रहा था जैसे पता नहीं कितना भरी भोझ उस पर रख दिया गया हो ,, पर वो खुद को शांत कर अपनी आगे की लाइन बोलने लगता है ,, वही अभय ने जैसे ही अवनी को विक्रम को खुद के करीब खींचते हुए देखा उसकी पकड़ उसके हाथ में पकडे गिलास पर कस गयी ,, तभी उसकी नजर विक्रम के हाथों पर थी जिससे उसने अवनी की कमर को पकड़ रखा था ,, इसके साथ ही उसने गिलास को अपने हाथों में इतनी जोर से दबाया के एक जोर दार आवाज के साथ गिलास टूट गया और उसके टुकड़े विक्रम के हाथों में चुभ गए और उसके हाथ से खून निकलने लगा ,, आवाज सुनकर सबका ध्यान उस तरफ चला गया ,, विक्रम की तो हालत खराब हो गयी अपने भाई को ऐसे देख ,, वही अभय को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था वो तो अभी भी बस एकटक अवनी को देख रहा था ,, जो खुद हैरानी से उसके हाथ को देख रही थी ,, तभी उसकी आँखें नम होने लग गयी यह देख अभय बेचैन हो गया ,, वो अपनी जगह से खड़ा हो गया और एकटक उसे देखने लगा ,,अवनी की नज़रें उसके हाथ पर ही थी ,, उसके हाथ से बहते खून को देख वो जल्दी से उसकी तरफ बढ़ने लगी वही अंकिता जो अभय के नजदीक जाने का मौका ढूंढ रही थी जब उसने अवनी को अभय की तरफ बड़ते देखा तो वो भी मिस्टर रायजादा कहते हुए उसकी तरफ बड़ी और उसकी तरफ बदती अवनी को धक्का दे दिया ,,  ,, उसे गिरते देख अभय जल्दी से उसका नाम लेते हुए उसकी तरफ भागा ,, 

अवनी जिसने खुद को गिरने से बचा लिया था ,, अभय जल्दी से उसके पास गया और उसे पकड़ उसे इधर उधर देखते हुए बोला 

अभय :- तुम,, तुम ठीक हो ,, 

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
63 / 65
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.