The CEO'S Contract Wife - Chapter 52
विक्रम :- तुम अकेली नहीं हो मिशा मैं हूँ तुम्हारे साथ ,, मैं कभी तुम्हे अकेला छोड़ कर नहीं जाऊंगा ,,
पर मिशा चुप नही हुई वो बहुत बुरी तरह रो रही थी ,, तभी रोते रोते वो विक्रम की बाहों में झूल गयी ,, उसे यूँ बेहोश होता देख विक्रम घबरा गया ,, उसने जल्दी से अमन की तरफ देखा और डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा और खुद उसे वही हॉल में रखे सोफे पर लेटा दिया ,, उसे यूँ मिशाके लिए इतना परेशान होता देख अवनी को काफी अजीब लगा पर फ़िलहाल उसने कुछ नहीं कहा ,, कुछ देर बाद डॉक्टर वहां आ गये उन्होंने मिशा को चेक किया,, ज्यादा स्ट्रेस लेने और रोने की वजह से वो बेहोश हो चुकी थी ,, अंतिम संस्कार का समय हो रहा था पर मिशा बेहोश थी विक्रम को समझ नहीं आ रहा था के वो क्या करे ,, कुछ सोच कर उसने खुद अंतिम संस्कार करने का सोचा ,, वैसे भी मिशा का कोई भाई या उसके परिवार में कोई आदमी नहीं था जो यह करता ,, इसलिए विक्रम ने खुद उनको मुख्या अग्नि देने का सोचा ,, यह देख पड़ोस की एक औरत जिसका नाम मंजू था जो मिशा को कुछ ख़ास पसंद नहीं करती थी क्यूंकि सब लोग मिशा की खूबसूरती और उसकी समझदारी की तारीफ करते थे देख वो मिशा से जलती थी क्यूंकि उनकी बेटी तो बस पूरा दिन या तो फ़ोन पर लगी रहती थी या फिर लड़कों के साथ घुमती रहती थी,, वो विक्रम को मिशा के पास देख और उसकी इतनी प्रवाह करता देख एक बार और जलन से भर गयी इसलिए वो विक्रम को देखते हुए बोली
मंजू:- पर तुम किस हक से अंतिम संस्कार करोगे ,, न तुम इनके कोई रिश्तेदार हो ,, न ही तुम्हारा इनसे कोई रिश्ता है ,,
उनकी बात सुनकर बाकि सब ने भी उनकी हाँ में हाँ मिलायी ,, अवनी भी सोच में पढ़ गयी पर विक्रम की बात सुनकर वो हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी ,,
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