The CEO'S Contract Wife - Chapter 57
अवनी ने हाँ में गर्दन हिला दी ,,पर वो अभी भी उदास थी ,, एह देख अभय ने कुछ पल उसके चेहरे को देखा फिर धीरे से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और प्यार से उसे चूमने लगा ,, अवनी की आँखें उसके एहसास से बंद हो गयी ,, और वो भी उसका साथ देने लगी ,, एक सुकून बहरी पैशनेट और लम्बी किस के बाद अभय ने उसके होंठों को आज़ाद किया और अपने सीने से लगा लिया ,, दोनों की साँसे बड़ी हुई थी जिसे दोनों नार्मल कर रहे थे ,, आधे घंटे बाद उनकी गाडी एअरपोर्ट के बाहर पोहंची ,, अभय ने उसे खुद से अलग किया और प्यार से उसके बालों को संवारते हुए उसके माथे को प्यार से चूम लिया ,, फिर उसने उसे अपना ख्याल रखने का कह जाने के लिए कहाँ ,, अवनी ने उसे बाय कहा और गाड़ी से बाहर आ गयी अभय भी उसके साथ ही गाडी से बाहर आ गया ,,इस समय वो लोग पार्किंग में थे जहाँ कोई नही था ,, सिर्फ अभय के गार्ड्स थे जिन्होंने उन्हें घेर रखा था ,, इसलिए कोई उन्हें देख नहीं सकता था ,, मिशा भी गाड़ी से बाहर आ गयी थी ,, अमन ने उनका समान गाड़ी से बाहर निकाला और अवनी को आल द बेस्ट कहा ,, अभय ने प्यार से अवनी के माथे को चूम लिया ,, अवनी ने उसे बाय बोला और मिशा के साथ अंदर की तरफ बढ़ गयी ,, अभय उसे तब तक देखता रहा जब तक वो उसकी आँखों से ओझल नहीं हो गयी ,, फिर वो भी अमन के साथ गाड़ी में बैठ वहां से निकल गया ,,
अवनी और मिशा अंदर आये जहाँ सब लोग मौजूद थे शायद उनका ही इंतज़ार कर रहे थे ,, अवनी को देख डायरेक्टर अभिनव उसे देख बोले
अभिनव:- अच्छा हुआ अवनी तुम आ गयी ,, हम लोग तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहे थे ,,
अवनी ने हाँ में गर्दन हिलाई और देर से आने के लिए माफ़ी भी मांगी ,, डायरेक्टर अभिनव ने इट्स ओके कहा और फिर सब लोग अंदर की तरफ बढ़ गये क्यूंकि फ्लाइट का टाइम हो रहा था ,, वही अंकिता सचदेवा अवनी को ही गुस्से में घूर रही थी ,, कुछ देर पहले जब वो लेट आई थी तो डायरेक्टर ने उसे किना सुनाया था जबकि वो सिर्फ 15 मिनट लेट थी जबकि अवनी तो कितना लेट आई पर उसे उन्होंने कुछ नहीं कहा ,, इसलिए उसे अवनी पर बहुत गुस्सा आ रहा था ,, उसे लग रहा था के वो ए ग्रेड नंबर वन एक्ट्रेस है पर फिर भी डायरेक्टर अभिनव अवनी के सामने उसे कुछ भी नहीं समझ रहे ,, इसकी वजह वो अवनी को ही मान रही थी इसलिए उसके मन में अवनी के लिए गुस्सा और नफरत और भी बढ़ गयी ,, इन सब से बेखबर अवनी मिशा के साथ अपनी सीट पर आ कर बैठ गयी ,, और बाहर देखने लगी ,, उसे अभी से ही अभय की बहुत याद आ रही थ ,, पता नहीं वो एक हफ्ता उसके बिना कैसे रहेंगी ,, येही सोच उसने अपनी आँखें बंद कर ली और अभय को याद करने लगी ,,
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