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Chapter 54

The CEO'S Contract Wife - Chapter 54

अगली सुबह विक्रम की आँख खुली तो सुने देखा वो अभी भी बैठे बैठे ही सो रहा था ,, उसे याद आया के रात वो मिशा को देखें आया था जब उसके बैठे ही उसे नींद अ गयी ,, यह याद आते ही उसने बेड की तरफ देखा पर मिशा को वहां न देख वो परेशान हो गया , वो जल्दी से अपनी सीट से उठा और पुरे रूम में देखने लगा ,, उसने बाथरूम , क्लोसेट रूम , बालकनी सब जगह देखा पर मिशा कही नहीं थी ,, यह देख वो और भी ज्यादा परेशान हो गया ,, वो जल्दी से रूम से बाहर निकला और मिशा को ढूंढते हुए निचे की तरफ भगा ,, वो जल्दी से निचे आया पर सीडियों पर ही उसके कदम ठिठक गए जब उसकी नजर निचे लिविंग रूम में बैठी मिशा पर गयी ,, हलके गुलाबी रंग के सूट में वो बहुत प्यारी लग रही थी ,, उसके  बाल खुले थे जो उसके चेहरे पर आ रहे थ्री और उन बालों के बीच में गहरे लाल रंग का सिन्दूर चमक रहा था जो कल विक्रम ने उसकी मांग में भरा था जो यह बता रहा था के अब वो उसकी है ,, बहुत प्यारी लग रही थी वो पर उसके चेहरे पर मुस्कान की कमी थी ,, उसका यूँ उदास सा चेहरा देख विक्रम को अच्छा नहीं लगा ,, वो भी धीरे से चलते हुए उनके पास आ गया और उनके सामने वाले सोफे पर बैठ गया और मिशा को देखने लगा ,, मिशा ने एक नजर उसे देखा और फिर अपनी नजरें झुका ली ,, पर विक्रम उसे ही देख रहा था ,, वो उससे बात करना चाहता था ,, पर कल के बाद से दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई थी ,, वो उससे कुछ कहने को हुआ उसके पहले ही अवनी जो किचन से बाहर आ रही थी ,, उन्हें देख कर बोली 

 

अवनी :- चलो आ जाओ दोनों नाश्ता कर लो ,,

उसकी बात सुनकर दोनों चुप चाप डाइनिंग टेबल की तरफ बाद गए ,, अवनी ने उन दोनों को नाश्ता परोसा और खुद भी उनके साथ ही बैठ गयी तभी विक्रम इधर उधर देखते हुए बोला 

विक्रम :- भाभी भाई कहाँ है ???

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