The CEO'S Contract Wife - Chapter 37
अवनी:- आप सच में हमें छोड़ेंगे तोह नहीं न ,, कोई नहीं है अब आपके बिना मेरा ,, अगर अपने भी मुहे खुद से दूर कर दिया तोह मर जाउंगी मैं ,,
अभय ने खींच कर अपने सीने से लगा लिया ,, दरअसल अवनी डर गयी थी उसकी बात सुनकर ,, पहले माँ बचपन में छोड़ कर चली गयी ,, फी जो पापा इतना प्यार करते थे रेखा जी और रागिनी के आने के बाद वो भी दूर हो गए ,, बचपन से जिस इंसान को चाह उसने भी उसपर विश्वास नहीं किया और खुद से दूर कर दिया ,, उसके पापा ने भी उसे घर से निकल दिया ,, तब बस अभय था उसके पास चाहे जैसे भी हुई हो पर जब से उन दोनों की शादी हुई थी अवनी ने दिल से उसे अपना पति माना था ,, भले ही तभी उसे अभय से प्यार नहीं था ,, पर अब वोह अभय से बहुत प्यार करने लगी थी ,, अब वोह उससे अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी ,, अभय उसकी हालत समझ रहा था ,, वोह उसके बालों को सहलाते हुए उसे शांत करवाते हुए बोला
अभय :- आई ऍम सॉरी जान ,, प्लीज शांत हो जाओ ,, मैं बस मजाक कर रहा था बेबी ,, कोई मुझे तुमसे अलग नहीं कर सकता ,, तुसे अलग होकर तो अब मैं भी नहीं रह सकता तुम्हारे बिना,, जान हो तुम मेरी,, मेरी साँसे , मेरा सुकून हो तुम ,, तुम हो तो मैं हूँ अवनी वरना तुम्हारे बिन मैं कुछ नहीं ,, तुम नहीं जानती कितने सालों से इस सुकून के तरसा हु जो मुझे तुम्हारे पास मिला है ,, फिर इस सुकून को कैसे खुद से अलग कर सकता हूँ ,,
यह बोल उसने अवनी को खुद से अलग किया और प्यार से उसका माथा चूम लिया ,, वोह उसके मासूम से चेहरे को देखने लगा जो रोने की वजह से लाल हो गया था ,, इस समय अवनी बहुत ही प्यारी लग रही थी ,, अभय को उस पर बहुत प्यार आ रहा था ,, उसका मनन कर था के वो उसके उन गुलाबी होंठों को चूम ले ,, जब उसे कण्ट्रोल नहीं हुआ तोह जादा न सोचते हुए उसने आगे बढ़ उसके गुलाबी होंठों को अपने होठों में भर लिया और शिद्दत से उन्हें चूमने लगा,, अवनी ने अपनी आँखें बंद कर ली और उसकी शर्ट को मुठी के कस कर भींच लिया और उसे महसूस करने लगी..
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