The CEO'S Contract Wife - Chapter 13
अभय:- तुम्हारा वो मासूम चेहरा और तुम्हारी वो हंसी मुझे आज ही याद है अवनी,, अपनी बीमारी की वजह से कभी मैंने तुम्हारे बारे में पता करने की कोशिश नहीं की ,, पर देखो ना तुम्हारे छूने से तो मुझे कोई परेशानी नहीं होती कोई तकलीफ़ नहीं होती , जबकि और किसी लड़की के नजदीक आते ही मैं बेचैन हो जाता हूं मेरी सांसें तेज हो जाती है, पूरे बदन में खुजली होने लगती है, पर तुम्हारे मेरे करीब आने से मुझे सुकून मिलता है,, इसका मतलब भगवान ने तुम्हें बस मेरे लिए ही बनाया है,, तभी तुम्हारे मेरे करीब आने से मुझे कोई दिक्कत नहीं होती,, अब मैं तुम्हें कभी खुद से अलग नहीं होने दूंगा,, अब से तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी क्योंकि तुम सिर्फ मेरी हो तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है,, बहुत प्यार करता हूं तुमसे आई लव यू सो मच बीवी आई लव यू सो मच,, बहुत जल्द तुम्हें भी अपने दिल की बात बताऊंगा पर उससे पहले मुझे तुम्हारा भरोसा जीतना है,,
शाम को अभय जब घर आया तो उसने इधर उधर देखा पर उसे अवनी कहीं दिखाई नहीं दी,, वो सीधा ऊपर अपने रुम में आ गया उसे लगा अवनी रुम में होगी पर वो यहां भी नहीं थी,, क्या वो अभी तक घर नहीं आई पर उसकी गाड़ी तो नीचे ही खड़ी थी, यही सोच अभय ने अवनी के ड्राइवर को फोन लगा दिया, ड्राइवर के फोन उठाते सी अभय बोला
अभय:- अवनी कहीं गई है क्या, क्या वै गाड़ी लेकर नहीं गई,,
ड्राइवर:- नहीं साहब मैम गाड़ी लेकर ही गई थी और अभी तो मैडम घर पर ही है मैं एक घंटे पहले ही उन्हें घर लेकर आया हूं,,
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