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Chapter 44

The CEO'S Contract Wife - Chapter 44

अभय की बातें सुनकर आज अवनी को तो झटके पर झटके मिल रहे थे ,, पहले अभय का पास्ट , फिर उसकी बीमारी ,, और अब यह जानना के अभय उससे पिछले दो सालों से प्यार करता है ,, उसे समझ नहीं आ रहा था के वो क्या बोले ,, वो बस हैरानी से अभय की तरफ देखे जा रही थी ,, अभय ने ये देख उसे अपने सीने से लगा लिया और उसके बालों को सहलाते हुए बोला 

अभय :- जनता हु ये सब बातें तुम्हे  हैरान करने वाली है ,, पर सच येही है वाइफी के मैं तुमसे  बहुत प्यार करता हूँ वो भी पिछले दो सालों से ,,प्लीज मुझे कभी छोड़ कर मत जाना ,,, बर्दाशत नहीं कर पाउँगा ,, बहुत अकेला हूँ जान अगर तुमने  भी छोड़ दिया तो मर जाऊंगा ,,

 

उसकी बात सुनकर अवनी ने जल्दी से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे प्यार से चूमने लगी जैसे उसे एहसास करवाना चाहती हो के वो कभी उसे छोड़ कर नहीं जाएगी , अभय ने भी उसे कमर से कस कर पकड़ लिया और अपने और नजदीक कर उसका साथ देनें लगा ,,, उसकी आँखों से आंसू का एक कतरा निकल अवनी की  गालों पर आ गया ,, जिसे महसूस कर अवनी उससे अलग हो गयी और उसे देखने लगी ,, अभय  की आँख में आंसू देख अवनी को अपने दिल दर्द होता महसूस हुआ उसकी भी  आँखें भी नम हो गयी ,, उसने अभय के चेहरे को अपने हाथों में पकड़ा और उसकी नम आँखों को चूमते हुए बोली 

अवनी:- मैं कभी आपको छोड़ कर कही नहीं जाउंगी ,, आप बोलोगे तो भी नहीं जाउंगी ,, हमेशा आपके साथ रहूंगी ,, कोई आपका साथ दे या न दे ,, कोई आप पर विश्वास करे या न करे पर मुझे आप पर पूरा भरोसा है ,, 

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