The CEO'S Contract Wife - Chapter 46
अभय :- जनता हु बेबी तुम येही सोच रही हो के कल तक मेरा स्वभाव अगल था और आज इतना अगल क्यूँ ,, तो सच कहू मैं ऐसा ही हूँ कल तक तुमने मुझे खुद पर हक नहीं दिया था इसलिए मैं तुम्हारे साथ कोई जबरदस्ती नहीं करना चाहता था पर आज ,, आज तुम मेरी हो पूरी तरह से ,, तुमने खुद मुझे यह हक दिया है ,, आज तुम पर हर तरह से मेरा हक है और मुझ पर तो पहले ही तुम्हारा हक था ,, इसलिए जिस हक से मैं तुम्हे बुलाता हु तुम्हारा नाम लेता हूँ मैं चाहता हूँ के तुम भी उसी हक से वैसे ही मेरा नाम लो ... तुम्हरे मुंह से मिस्टर रायजादा सुनकर मुझे बेगाना सा लगता है .. पर तुम मेरी हो बेबी इसलिए मैं चाहता हु के तुम पुरे हक से मुझे बुलाओ न के यूँ बेगानों की तरह,, बोलो बुलोगी न मझे मेरे नाम से ,,
उसकी बात सुनकर अवनी मुस्कुरा देती है और गाल पर हाथ रख कर बोलती है ,,
अवनी :- बिल्कुल,, अब आप मेरे है तो मैं आपको पुरे हक से आपके नाम से बुलाऊगी ,,
उसकी बात सुनकर अभय मुस्कुरा देता है ,, और फिर उसे देखते हुए बोलता है
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