Chapter 395
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 395
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दोपहर का वक़्त था। शादी के बाद राधिका आज पहली बार स्कूल गयी थी। स्टाफ़ से खूब मुबारकबाद और गिफ्ट मिले। राधिका स्कूल के बाद सबको पार्टी देने गयी थी और अब माधव के रेस्टोरेंट पहुँच गय