Chapter 345
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 345
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राधिका की शादी को एक महीना होने वाला था। इस एक महीने में लगभग एक हफ़्ते के लिए वो अपने घर गई थी, उसमें भी तीन ही दिन बाद अजय उसे लेने पहुँच गया था। जिस पर उसकी बहनों ने उसे कितना छ