Chapter 333
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 333
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"आज शादी है मेरी।...... शादी है, पर दूल्हा वो नहीं जिसकी छवि मेरे मन में बसी है।...... शायद अपने विवाह के दिन हर लड़की थोड़ी खुश होती होगी कि अपने हमसफ़र के साथ ज़िंदगी की नई