Chapter 123
इबादत - ए- इश्क़ ( The Arrange Marriage) - Chapter 123
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"अहाना अब तो आप खुश हैं, माँ ने अपनी गलती स्वीकार ली।" अक्षय ने अहाना की कमर पर अपनी बाँह लपेटते हुए उसे खुद से सटा लिया। उस वक्त दोनों अपने कमरे में थे और अक्षय की खुशी उसके चेहरे