Chapter 369
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 369
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"माधव जी, मैं जानती हूँ कि अभी आप आंटी के लिए परेशान हैं, आपका खाने-पीने का कुछ भी करने का मन नहीं है। पर आप खुद सोचिए ना कि अभी आपको ही सब संभालना है। आंटी जी के साथ-साथ शिखा