Chapter 105
इबादत - ए- इश्क़ ( The Arrange Marriage) - Chapter 105
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
"तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता, जितनी शैतान तुम हो, शराफ़त तुमसे हज़म ही नहीं हो सकती।" अन्वय ने यह कहते हुए एक बार फिर हँस दिया, पर उसकी बातें सुनकर अंतरा के चेहरे के भाव बदल गए। उसने