Chapter 165
इबादत - ए- इश्क़ ( The Arrange Marriage) - Chapter 165
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"अक्षय जीईई..." ये वही शब्द था जो अपने होश खोते हुए आखिरी बार अहाना के लबों पर ठहरा था। इसी नाम को पुकारते हुए उसने झटके से अपनी आँखें खोल दीं। अक्षय उसके अचानक चीखने से घबरा गया।