Chapter 364
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 364
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"भैया मुझे भी भाभी से मिलना है।" माधव अकेला बैठा जाने क्या ही सोच रहा था, जब शिखा भी आकर उसके पास बैठ गई। अचानक आई उसकी आवाज़ से ज़्यादा, माधव उसकी बात से चौंक गया। "