Chapter 355
"कोई तुमसा नहीं - इश्क़ की दूसरी पारी" - Chapter 355
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माधव हॉस्पिटल कम्पाउंड में अकेला खड़ा, किन्हीं ख़्यालों में खोया था। दोपहर बीत गई थी। मैसेज में उसने सुमन को निशा के तबियत ख़राब होने के बारे में बताया भी था। पर अब तक उसने झूठे मु