Chapter 188
इबादत - ए- इश्क़ ( The Arrange Marriage) - Chapter 188
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"कहाँ जा रहे हो दोनों?" शाम का वक्त था। अन्वय और अंतरा की शादी को कुछ दिन बीत चुके थे। दादा-दादी वापस जा चुके थे। अहाना, अन्वय, अक्षय सब अपने-अपने काम पर लौट चुके थे। आज अन्वय दुका