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Chapter 208

तेरे इश्क में बेकाबू - Chapter 208

आलोक जी की आवाज़ सुनाई दी। वे मिस्टर खान से चिल्लाकर बात कर रहे थे। "मिस्टर खान, हमें उस डेटा को डिलीट करना होगा! अगर पुलिस तक ये सबूत पहुँचे, तो हम बर्बाद हो जाएंगे!"

जो डेटा को डिलीट करने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। अंशिका को महसूस हुआ कि पूरा मेंशन बारूद के ढेर पर खड़ा है। अध्यांश ने आग लगा दी थी, और अब विस्फोट बस कुछ ही पलों की दूरी पर था।

उस पूरी रात, अंशिका एक पल के लिए भी नहीं सो पाई। वह बस उस 'ब्लैक डेविल' के लौटने का इंतज़ार कर रही थी। उसका आदि, जो अब सिर्फ उसका पति नहीं, उसके होने वाले बच्चे का रक्षक भी था। मेंशन के खौफनाक सन्नाटे में एक गूँज बार-बार लौट रही थी। अध्यांश शेखावत वापस आ चुका है, और अब किसी को माफ़ी नहीं मिलेगी!

अंधेरा और गहरा हो चुका था, और मेंशन की खामोशी में एक ऐसी गूँज सुनाई दे रही थी जो कह रही थी। अध्यांश शेखावत वापस आ चुका है!

सूर्यवंशी मेंशन के अंदर का माहौल अब पूरी तरह बदल चुका था। मिस्टर खान और आलोक जी को अब यह एहसास होने लगा था। कि उनकी सुरक्षा दीवारें ढहने वाली हैं। मेंशन के चारों ओर अजीब सी शांति थी, जो किसी बड़े तूफान के आने का संकेत दे रही थी।

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