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Chapter 203

तेरे इश्क में बेकाबू - Chapter 203

न्यूयॉर्क के उस आलीशान होटल के कमरे में वक्त जैसे ठहर सा गया था। अनु के हाथों से उसका फोन फर्श पर गिरकर बिखर गया, लेकिन उसकी गूंज उसके दिल के टूटने की आवाज़ के सामने बहुत धीमी थी। विधान के शब्द उसके कानों में बार-बार गूंज रहे थे। अध्यांश अब हमारे बीच नहीं रहे।'

अनु की आँखों से आंसू नहीं, जैसे खून के कतरे गिर रहे थे। उसके लिए यह सिर्फ एक भाई की मौत नहीं थी। यह उसकी पूरी दुनिया का खात्मा था।

अनु अचानक से पागलों की तरह हंसने लगी, फिर रोने लगी। "झूठ बोल रहे हो तुम विधान! भाई को कुछ नहीं हो सकता। वो 'ब्लैक डेविल' हैं! उन्हें कोई नहीं मार सकता! वह मेरा इंतज़ार कर रहे हैं, उन्होंने वादा किया था!"

वह बेड से उठी और दरवाज़े की तरफ भागने लगी, "मुझे जाना है... मुझे इंडिया जाना है! भाई मुझे बुला रहे हैं!"

विधान ने दौड़कर उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया। अनु उसके सीने पर अपना सिर पटककर दहाड़ें मार-मार कर रोने लगी। उसका पूरा शरीर कांप रहा था। उस वक्त विधान के पास देने के लिए कोई सांत्वना नहीं थी। वह खुद अंदर से टूट चुका था।

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