तेरे इश्क में बेकाबू - Chapter 205
शेखावत मेंशन की आधी रात। घर के सभी सदस्य सो चुके थे, लेकिन बेसमेंट के गुप्त रास्ते में चार परछाइयाँ
अनु, आकाश, ध्रुव और सागर एक मशाल की रोशनी में आगे बढ़ रहे थे।
अध्यांश का वह बेसमेंट, जो कभी उसके बिज़नेस का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था, आज किसी मकबरे जैसा लग रहा था। आकाश ने आगे बढ़कर वह तीसरा लॉकर ढूंढा जिसे अध्यांश ने वॉइस नोट में जिक्र किया था।
ध्रुव ने अपने लैपटॉप को लॉकर से कनेक्ट किया। एक खौफनाक बीप की आवाज़ के साथ स्क्रीन पर डेटा की बाढ़ सी आ गई। अनु ने ध्यान से स्क्रीन की ओर देखा
उसमें सिर्फ बिज़नेस डील्स नहीं थीं, बल्कि आलोक जी, सौरभ और मिस्टर खान के बीच हुए पिछले दस सालों के हर एक अवैध लेन-देन, मर्डर प्लान्स और यहाँ तक कि उस हादसे के सबूत भी थे।
Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.