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Chapter 199

तेरे इश्क में बेकाबू - Chapter 199

"तुमने साफ कहा था कि उस घर से अब तुम्हारा कोई रिश्ता नहीं है। फिर अचानक यह फैसला क्यों?" अध्यांश की आवाज में छिपा 'ब्लैक डेविल' अब धीरे-धीरे सिर उठा रहा था। उसकी पकड़ अंशिका की कमर पर थोड़ी और सख्त हो गई।

अंशिका ने घबराकर अपनी नजरें शीशे से हटा लीं। वह अध्यांश को यह नहीं बता सकती थी। कि उसके पिता आलोक जी ने उसके भाई-भाभी की खुशियों को दांव पर लगा दिया है। उसने अपने चेहरे पर एक झूठी मुस्कान लाने की कोशिश की और पलटकर अध्यांश के सीने पर अपने हाथ रख दिए।

"आदि... प्लीज मुझे जाने दो। सिर्फ कुछ दिनों की तो बात है। भाभी की तबीयत ठीक नहीं है, और मैं बस उनसे मिलकर वापस आ जाऊंगी। प्लीज, मुझ पर भरोसा रखो," अंशिका ने अपनी नम आंखों से अध्यांश की तरफ देखकर कहा, जिसमें मिन्नतें थीं।

अध्यांश ने कुछ पल के लिए अंशिका के चेहरे को पढ़ा। वह जानता था। कि अंशिका अपनी और आलोक जी की बातों को उससे छुपा रही है, लेकिन वह इस वक्त उसे और परेशान नहीं करना चाहता था। उसने अंशिका के माथे को चूमा और बेहद गंभीर आवाज में कहा, "ठीक है जान। तुम जा सकती हो... लेकिन याद रखना, शेखावत मेंशन के दरवाजे अपनी इस मलिका के लिए हमेशा खुले हैं। और अगर किसी ने तुम्हें तकलीफ देने की कोशिश की, तो अंजाम वो खुद भी भुगतने के काबिल नहीं रहेगा।"

अंशिका ने राहत की सांस ली, लेकिन उसका दिल अंदर ही अंदर रो रहा था। वह अध्यांश के गले लग गई, यह जानते हुए भी कि वह अनजाने में एक बहुत बड़े चक्रव्यूह में कदम रखने जा रही है।

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