Chapter 456
आलम कशिश को बचा लो
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अद्विक अवनी के बगल में लेटा हुआ था और उन दोनों के बीच में आयशा सो रही थी। ना तो अद्विक की आंखों में नींद था और नहीं अवनी की पलकें झपक रही थी। अवनी का हाथ आयशा के हाथों में था और अद