Chapter 133
क्या तुम सच में कशिश को अपनी जिंदगी से बाहर निकाल दोगे?”
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नक्ष इस समय कुछ भी सोचने समझने की हालत में नहीं था। तारा की यह हालत उसे कमजोर कर रही थी। नक्ष जल्दी से तारा को अपनी गोद में उठाता है और गाड़ी में बैठ जाता है। विपुल ड्राइव कर रहा थ