Chapter 383
You want me…”
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अवनी कमरे का दरवाजा खोल कर गुस्से में अंदर जाती है और अद्विक को देखते हुए कहती है, “ आपने मेरे भाई का इलाज क्यों रुकवाया है..?” अद्विक हेड रेस्ट से टिक कर अपने दोनों हाथों को अपने