Chapter 223
Besharm Ishq - Chapter 223 (दामाद जी ऐसे ही आह्ह्हृ...)
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दोपहर का वक्त था… हल्की-हल्की धूप आँगन में फैल रही थी, और घर के अंदर एक शांत सन्नाटा पसरा हुआ था। गेट के बाहर गाड़ी आकर रुकी। “यही है… मेरा घर,” नीलू ने मुस्कुराते हुए कहा। गौरव ने