Chapter 141
Besharm Ishq - Chapter 141
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शाम का वक्त था। आसमान में हल्की बारिश की बूंदें गिर रही थीं, और सड़क पर गाड़ियों की लाइट्स धुंधली चमक रही थीं। प्रोफेसर अम्बिका अपनी कार के पास खड़ी थीं—भौंहें हल्की सिकुड़ी हुईं।