Chapter 18
बेशर्म इश्क - Chapter 18 (“ये नाइटी… सिर्फ चाय के लिए मिली थी?”)
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अगले दिन दोपहर के वक़्त मैं जैसे ही स्कूल से आई, देखा जीजा जी सोफ़े पर बैठे थे, और उनके पास एक छोटा सा पैकेट रखा था — नीले रंग की गिफ्ट रैपिंग में बंधा हुआ। मुझे देखकर वो मुस्कराए