Chapter 221
Besharm Ishq - Chapter 221( दामाद जी आह्ह्हृ... और अंदर)
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दोपहर का वक्त था… हल्की-हल्की धूप आँगन में फैल रही थी, और घर के अंदर एक शांत सन्नाटा पसरा हुआ था। गेट के बाहर गाड़ी आकर रुकी। “यही है… मेरा घर,” नीलू ने मुस्कुराते हुए कहा। गौरव ने