Chapter 156
Besharm Ishq - Chapter 156
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कमरे में अब हवा और भी भारी हो चुकी थी। खामोशी के बीच सिर्फ उनकी साँसों का शोर गूंज रहा था। कंबल के नीचे, वरुण की उँगलियाँ धीरे-धीरे मनीषा की जाँघों पर घूम रही थीं। कपड़े की पतली तह