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Chapter 514

भूमि का गृह प्रवेश

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आकाश के एशा कहते ही भूमि की आंखों से आंसू बह गए थे । और वह बस हैरान नजरों से आकाश को देख रही थी। पंडित जी बोले “ विवाह संपन्न हुआ। आज से आप दोनों पति-पत्नी है।” अभी वह बोल ही रहे थ

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