Chapter 177
जिससे उम्मीद थी वो निकला आस्तीन का सांप
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
जैसे ही आस्तिक ने नेहा जी के गुज़रे हुए कल का एक कड़वा सच उनके सामने रखा, नेहा जी के हाथ-पाँव ठंडे पड़ जाते हैं और वो गुस्से में आस्तिक को देखने लगती हैं। उन्होंने एक जोरदार थप्पड़