Chapter 255
प्रणाली की बदतमीजी
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शारदा जी इस समय कैब में थी और वह वापस सिंगल की तरफ आ रही थी। पर पूरे रास्ते वह अपने और प्रताप की मुलाकात को याद कर रही थी और उसके बाद जो प्रताप ने उसे बताया था, उसे सोचते हुए शारदा