Chapter 293
तुम्हारे जिस्म पर मेरे दिए हुए निशान बहुत खूबसूरत लगते हैं। यह इस बात का सबूत है कि तुम मेरी हो।”
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अरुणिमा अपने कमरे की खिड़की पर खड़े होकर बाहर चांद को देख रही थी, तभी उसे अपने बाबा की याद आने लगी। उसके बाबा ने उससे कहा था कि जो लोग हमें छोड़कर चले जाते हैं, वे आसमान में चमकता