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Chapter 367

पुण्यतिथि

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शारदा जी सो कर उठती है तो वो इस वक्त अपने कमरे में थी। उनकी नजर कैलेंडर पर जाती है तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं। वो धीरे से कपबोर्ड के पास जाती है और अभय की तस्वीर बाहर निका

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