Chapter 258
वह एक राक्षस है
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अरुणिमा जब मिश्री को देखती है, तो उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है और वह जल्दी से मिश्री को गले लगा लेती है। ज्योति और रजत भी अरुणिमा से मिलते हैं। तभी वहां पर राजा साहब की आवाज