Chapter 390
तुम मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती हो!”
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ओमकार शारदा की बात मान गया और उसे लेकर गांव आ गया। उसने गांव में लाकर शारदा को और तुम्हें हमारे पास छोड़ दिया। हम बहुत खुश थे तुम हमारे लिए कभी भी पराई नहीं थी। हमेशा से मैने तुम्ह